
न्यूज स्टेटस 24 विवेक द्विवेदी, हमीरपुर| देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूर्व प्रचारक एवं समाजसेवी शिव नारायण तिवारी ने देशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए मानसिक गुलामी से मुक्त होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 79 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी हमें आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या हम वास्तव में विचारों से पूर्णतः स्वतंत्र हो पाए हैं।अपने संबोधन में तिवारी ने कहा कि आज़ादी का वास्तविक अर्थ केवल बोलने, चलने और रहने की स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि इन सभी के साथ मर्यादा और जिम्मेदारी का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क पर चलने की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन यदि कोई स्वच्छंदता के कारण नियमों की अनदेखी

करेगा तो दुर्घटना निश्चित है।उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है, किंतु यदि अहंकार या द्वेषवश ऐसे शब्द बोले जाएँ जो समाज में विवाद, झगड़े और वैमनस्य को जन्म दें, तो वह स्वतंत्रता का नहीं बल्कि उसके दुरुपयोग का उदाहरण है।शिव नारायण तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय में आज़ादी के नाम पर जो कुछ कहा और किया जा रहा है, वह गंभीर चिंतन का विषय है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि स्वतंत्रता को अधिकार के साथ-साथ कर्तव्य और मर्यादा के रूप में भी समझें, तभी भारत सच्चे अर्थों में मजबूत और संस्कारित राष्ट्र बन सकेगा।उन्होंने अंत में सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए राष्ट्रहित, सामाजिक सद्भाव और जिम्मेदार नागरिकता का संकल्प लेने का आह्वान किया। News Status 24 पूरी करे सच की जिज्ञासा ✍🏼
