बुंदेलखंड में बाढ़ और नेपाल की त्रासदी पर प्रबंध संपादक अरविंद तिवारी ने जताई चिंता प्राकृतिक दोहन और पर्यावरण की अनदेखी को बताया बढ़ते संकट का बड़ा कारण

न्यूज स्टेटस 24 -महोबा/चित्रकूट। बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र में, जहां कभी बाढ़ का नाम दूर-दूर तक सुनाई नहीं देता था, आज महोबा और चित्रकूट में जल प्रलय जैसी स्थिति सामने आना चिंता और विस्मय का विषय है। इस बदलते प्राकृतिक परिदृश्य को लेकर न्यूज स्टेटस 24 के प्रबंध संपादक अरविंद तिवारी ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।अरविंद तिवारी ने कहा कि प्राकृतिक दोहन और पर्यावरण के साथ लगातार की जा रही छेड़छाड़ विनाश का सबसे बड़ा कारण बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि पानी के प्राकृतिक निकास मार्गों से छेड़छाड़, जलस्रोतों का अतिक्रमण और अनियोजित विकास प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ रहे हैं। जब प्रकृति अपना रास्ता बनाती है तो उसका प्रभाव बाढ़ और आपदा के रूप में सामने आता है।नेपाल में सामने आई प्राकृतिक त्रासदी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसे केवल प्राकृतिक घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लगातार मिल रही वैज्ञानिक चेतावनियों के बावजूद प्रकृति संरक्षण के प्रति लापरवाही मानव समाज के लिए गंभीर खतरा बन रही है।उन्होंने कहा कि धरती का लगातार बढ़ता तापमान आने वाले समय में नई-नई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को जन्म दे सकता है। बढ़ते शहरीकरण के साथ एसी और निजी वाहनों की संख्या में तेजी से हो रही वृद्धि भी पर्यावरणीय दृष्टि से चिंता का विषय है।अरविंद तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रकृति हमें लगातार संकेत दे रही है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण, जल निकासी व्यवस्था, वनों और जलस्रोतों की रक्षा तथा अनियोजित निर्माण पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।उन्होंने कहा कि सवाल सिर्फ आज की बाढ़ का नहीं, बल्कि उस भविष्य का है जिसे हम अपनी वर्तमान लापरवाहियों से स्वयं खतरे में डाल रहे हैं।News Status 24 पूरी करे सच की जिज्ञासा

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