
न्यूज स्टेटस 24 , विनय निगम ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड। बांदा का 12वां दीक्षांत समारोह माननीय कुलाधिपति महोदया की अध्यक्षता में गरिमापूर्ण एवं भव्य वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात कृषि प्रसार वैज्ञानिक एवं पूर्व कृषि सलाहकार, योजना आयोग डॉ. वी.वी. सदामते रहे।समारोह में कुल 250 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 18 विद्यार्थियों को 7 स्वर्ण, 6 रजत एवं 5 कांस्य पदक प्रदान किए गए। बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि की छात्रा अनुष्का सिंह को चांसलर स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।दीक्षांत समारोह से पूर्व कुलाधिपति महोदया के विशेष कार्याधिकारी श्री सुधीर एम. बोबड़े ने विश्वविद्यालय पहुंचकर उद्यान महाविद्यालय में आयोजित एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने निर्धारित दीक्षांत परिधान धारण कर समूह छायाचित्र में प्रतिभाग किया।समारोह की औपचारिक शुरुआत शोभायात्रा के दीक्षांत स्थल पर आगमन एवं राष्ट्रगीत के साथ हुई। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत किया। कुलपति प्रो. एस. वी. एस. राजू ने कुलाधिपति महोदया एवं मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए दीक्षांत समारोह प्रारंभ करने का अनुरोध किया।कुलपति प्रो. एस.

वी. एस. राजू ने विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि बीते वर्ष शिक्षा, शोध, कृषि प्रसार एवं आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में नया स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए भारतीय पशुचिकित्सा परिषद से अनुमति प्राप्त हुई।विश्वविद्यालय के 110 स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों को रोजगार मिला, जबकि 18 विद्यार्थियों ने देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्राप्त किया। आई.आई.आर.एफ. 2025-26 में विश्वविद्यालय को देश में 39वां स्थान प्राप्त हुआ।शोध के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को कुल 19.69 करोड़ रुपये की 14 शोध एवं विकास परियोजनाएं प्राप्त हुईं। इसके अलावा 9 पेटेंट और एक कॉपीराइट हासिल किया गया। बुंदेलखण्ड में शुष्क खेती को बढ़ावा देने के लिए ICRISAT, हैदराबाद के साथ शोध समझौता भी किया गया। विश्वविद्यालय के 10 वैज्ञानिकों को विभिन्न सम्मान प्राप्त हुए।कृषि प्रसार के क्षेत्र में लगभग 3,000 हेक्टेयर में दलहनी एवं तिलहनी फसलों के प्रदर्शन लगाए गए। कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा 557 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 12,533 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रथम पंक्ति एवं कृषक प्रक्षेत्र प्रदर्शनों से 7,036 कृषक लाभान्वित हुए।सीड हब परियोजना के तहत 741.79 क्विंटल बीज का उत्पादन किया गया, जिससे लगभग 77.18 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। वहीं राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित 40 करोड़ रुपये की लागत से विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम का निर्माण प्रगति पर है।श्री सुधीर बोबड़े द्वारा विश्वविद्यालय के तीन शिक्षकों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया, जिनमें प्रो. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. सी. एम. सिंह तथा वानिकी महाविद्यालय के डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता शामिल रहे।कुलाधिपति महोदया के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न ग्रामों के विद्यालयों के विद्यार्थियों के मध्य कहानी कथन, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में पुरस्कृत किया गया।बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 100 आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी किट प्रदान की गईं। इनमें शारीरिक, बौद्धिक, भाषा, सामाजिक, संवेदनात्मक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए शैक्षिक और खेल सामग्री शामिल थी। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखी गई पुस्तकों का विमोचन किया गया। दीक्षोत्सव की लघु फिल्म प्रस्तुत की गई तथा स्कूली बच्चों ने पर्यावरण गीत, देशभक्ति एवं लोक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं।मुख्य अतिथि डॉ. वी. वी. सदामते ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कृषि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और ग्रामीण परिवर्तन के केंद्र हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक कृषि तकनीकों को खेत तक पहुंचाने और किसानों की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान विकसित करने का आह्वान किया।इस दीक्षांत समारोह में कुल 250 उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 207 छात्रों और 43 छात्राओं को उपाधियां मिलीं। विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को मेरिट प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।चांसलर स्वर्ण पदक अनुष्का सिंह को प्रदान किया गया। वाइस चांसलर स्वर्ण पदक विभिन्न विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट

उपलब्धियों के लिए दिए गए, जबकि रजत एवं कांस्य पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त 50 मेधावी विद्यार्थियों को मेरिट प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।समारोह के अंत में कुलपति प्रो. एस. वी. एस. राजू द्वारा श्री सुधीर एम. बोबड़े को पुस्तकें भेंट की गईं। विश्वविद्यालय का यह 12वां दीक्षांत समारोह शैक्षणिक उपलब्धियों, विद्यार्थियों की प्रतिभा और सामाजिक सरोकारों को एक मंच पर समेटते हुए एक गरिमामय एवं स्मरणीय अवसर बन गया।— न्यूज स्टेटस 24पूरी करे सच की जिज्ञासा
