
न्यूज स्टेटस 24, विनय निगम ब्यूरो चीफ। बांदा। सद्भावना सेवा मंच के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता राजा के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर ग्राम पंचायत गुरेह, तहसील सदर के गरीब एवं भूमिहीन परिवारों को दशकों पहले आवंटित किए गए श्रेणी-3 के कृषि पट्टों की जांच कर उन्हें बहाल किए जाने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि करीब 45 से 50 वर्ष पूर्व शासन द्वारा भूमिहीन एवं गरीब परिवारों को कृषि पट्टे आवंटित किए गए थे। पट्टाधारकों ने मेहनत और खून-पसीना लगाकर इन जमीनों को कृषि योग्य बनाया तथा तभी से लगातार खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन पट्टों के अलावा उनके पास अन्य कोई कृषियोग्य भूमि नहीं है और मजदूरी ही उनकी आय का मुख्य स्रोत है।सद्भावना सेवा मंच ने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रशासन द्वारा श्रेणी-3 के अधिकांश पट्टों को बिना उचित जांच के बंजर, खलिहान और

पंचायत भवन आदि के रूप में दर्ज कर दिया गया है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि गांव के कुछ लोगों के उकसावे पर लेखपाल के माध्यम से पट्टाधारकों की जमीन पर दूसरे लोगों का कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही वृक्षारोपण के नाम पर भी उनकी जमीन पर कब्जा दिलाने की साजिश किए जाने का आरोप लगाया गया है।मंच ने कहा कि पट्टे निरस्त होने से गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और उनके पास जीविकोपार्जन का कोई दूसरा साधन नहीं है।ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की गई कि ग्राम पंचायत गुरेह में श्रेणी-3 के जिन गरीब पट्टाधारकों के पट्टे निरस्त किए गए हैं, उनकी सूची तैयार कर पात्रता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पात्र पाए जाने वाले पट्टाधारकों के पट्टे बहाल किए जाएं, ताकि गरीब परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके।इस दौरान संगठन के प्रमुख महासचिव कुदरत उल्ला, कोषाध्यक्ष वृंदावन वैश्य, आरके समुद्र, निलेश श्रीवास, नेतराम वर्मा, अरविंद खटीक, अनमोल जड़िया, अर्जुन अनुरागी, पीयूष आनंद, रईस खान, किशन यादव, हिमांशु वैश्य, अमित नामदेव, गुलशन सोनी, सूरजवंशी, कमलेश, बाबूलाल, जग प्रसाद, भूननू, बिंदु कुमार, शिवप्रसाद, भगवानदीन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।नोट: यह खबर उपलब्ध कराए गए ज्ञापन/प्रेस-विवरण की सामग्री पर आधारित है। प्रशासन या राजस्व अभिलेखों से स्वतंत्र ऑनलाइन सत्यापन नहीं किया गया है: विनय निगम, ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड, बांदा News Status 24
