
न्यूज स्टेटस 24, विवेक द्विवेदी ✍🏼कानपुर। ब्राह्मण स्वयंसेवक संघ के संस्थापक एवं संयोजक अरविन्द कुमार तिवारी ने सामाजिक एकजुटता को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, आपसी विश्वास और सहयोग की भावना में निहित होती है। उन्होंने कहा कि यदि समाज संगठित नहीं रहेगा तो उसकी सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक प्रगति भी प्रभावित होगी।उन्होंने कहा कि आज गंभीर चिंतन का विषय यह है कि समाज में बिखराव क्यों बढ़ा है और इसके लिए कहीं न कहीं हम स्वयं भी जिम्मेदार हैं। “संघे शक्ति कलियुगे” की सूक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कलियुग में संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है, लेकिन समय के साथ हम अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को भूलते चले गए। यही कारण है कि समाज की सामूहिक शक्ति कमजोर होती दिखाई दे रही है।अरविन्द तिवारी ने उदाहरण देते हुए कहा कि एक-एक लकड़ी को आसानी से तोड़ा जा सकता है, लेकिन लकड़ियों के बंधे हुए गट्ठर को तोड़ना अत्यंत कठिन होता है। यही सिद्धांत समाज पर भी लागू होता है। जब समाज संगठित रहता है तो उसे कमजोर करना आसान नहीं होता, जबकि बिखराव समाज को असुरक्षित बना देता है।उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिवेश ने भी समाज को विभिन्न विचारधाराओं में विभाजित कर दिया है। ऐसे समय में सामाजिक एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि “समाज पहले, राजनीति बाद में”, क्योंकि समाज ही हमारा सबसे बड़ा परिवार है और परिवार की मजबूती ही किसी भी वर्ग की वास्तविक ताकत होती है।उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अपने समाज के लोगों की सहायता करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि आपसी सामंजस्य, समन्वय और संवाद को मजबूत करने की आवश्यकता है। छोटे-छोटे वैचारिक मतभेदों को भुलाकर समाज हित में आगे बढ़ना ही समय की मांग है।अरविन्द तिवारी ने कहा कि किसी भी बड़े परिवर्तन की शुरुआत सोच से होती है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने समाज के हर सदस्य को अपना समझने लगे तो सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक विकास का नया दौर शुरू हो सकता है। इससे समाज का आधार मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं सशक्त भविष्य का निर्माण संभव होगा।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामाजिक एकजुटता का संकल्प ही भविष्य में एक मजबूत, आत्मनिर्भर और संगठित समाज की नींव रखेगा।बाइट :”समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता है। जब तक हम अपने सामाजिक दायित्वों को समझकर एक-दूसरे के साथ खड़े नहीं होंगे, तब तक अपेक्षित परिवर्तन संभव नहीं है। हमें समाज को सर्वोपरि रखते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार करना होगा ।News Status 24, पूरी करे सच की जिज्ञासा ✍🏼
