
न्यूज स्टेटस 24, विवेक द्विवेदी अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर अयोध्या में वकीलों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। सोमवार को फैजाबाद बार एसोसिएशन की बैठक में कई कड़े प्रस्ताव पारित किए गए। एसोसिएशन ने कथित तौर पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव से तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़ने की मांग की है। चेतावनी दी गई कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। बार एसोसिएशन ने यह भी निर्णय लिया कि राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण के आरोपियों की पैरवी कोई भी स्थानीय वकील नहीं करेगा। यदि कोई अधिवक्ता इस निर्णय का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध बार एसोसिएशन स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय संविधान और न्यायिक व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई और वकील का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में बार एसोसिएशन के इस फैसले को लेकर कानूनी बहस भी तेज हो गई है। राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच पहले से विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है और इसी बीच यह घटनाक्रम सामने आने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। फिलहाल ट्रस्ट की ओर से इन चेतावनियों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
