
न्यूज स्टेटस 24 प्रयागराज। सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों को संस्थागत मंच देने की मांग अब तेज होती दिखाई दे रही है। ब्राह्मण स्वयंसेवक संघ के संस्थापक एवं संयोजक अरविन्द कुमार तिवारी ने बिहार में सवर्ण आयोग के गठन का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों और केंद्र स्तर पर भी सवर्ण आयोग के गठन की पुरजोर मांग उठाई है।अरविन्द कुमार तिवारी ने सवर्ण समाज को संबोधित करते हुए कहा कि यदि बिहार में सवर्ण आयोग का गठन किया जा सकता है, तो उत्तर प्रदेश और देश के अन्य राज्यों में इस तरह के आयोग के गठन पर विचार क्यों नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय सवर्ण आयोग तथा उत्तर प्रदेश सरकार से राज्य सवर्ण आयोग के गठन की मांग की।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पिछड़ा वर्ग आयोग और अनुसूचित जाति आयोग जैसे संस्थागत मंच संबंधित वर्गों की समस्याओं, शिकायतों और अधिकारों से जुड़े विषयों को सुनने और सरकार तक पहुंचाने का कार्य करते हैं, उसी प्रकार सवर्ण समाज से जुड़े सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और अन्य विषयों के लिए भी एक वैधानिक मंच होना चाहिए।तिवारी ने कहा कि सवर्ण समाज के भीतर भी आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग मौजूद हैं। ऐसे लोगों की समस्याओं को समझने, उनकी वास्तविक स्थिति का अध्ययन करने और सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाने के लिए आयोग उपयोगी भूमिका निभा सकता है।उन्होंने कहा कि उनकी मांग किसी अन्य समाज के अधिकारों के विरोध में नहीं है, बल्कि सवर्ण समाज से जुड़े विषयों को भी संवैधानिक एवं संस्थागत स्तर पर सुनवाई का अवसर देने की मांग है।अरविन्द कुमार तिवारी ने केंद्र एवं राज्य सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने तथा सवर्ण समाज की समस्याओं के अध्ययन एवं समाधान के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सवर्ण आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
