कानपुर नगर निगम में 400 ठेकेदारों की जांच के घेरे में आने से मचा हड़कंप । टेंडर प्रक्रिया और ठेकेदारों के कथित सिंडिकेट की खुलेगी परत, CDO की टीम करेगी जांच
कानपुर नगर निगम में 400 ठेकेदारों की जांच के घेरे में आने से मचा हड़कंप । टेंडर प्रक्रिया और ठेकेदारों के कथित सिंडिकेट की खुलेगी परत, CDO की टीम करेगी जांच
न्यूज स्टेटस 24 ✍🏼कानपुर। कानपुर नगर निगम में करीब 400 ठेकेदारों से जुड़े मामलों की जांच के लिए जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है। नगर निगम में ठेकों के आवंटन, टेंडर प्रक्रिया और ठेकेदारों के बीच कथित सिंडिकेट की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने पूरे मामले की पड़ताल शुरू कराई है।जानकारी के मुताबिक सीडीओ अनुभव जे. जैन के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति नगर निगम में पंजीकृत ठेकेदारों के दस्तावेजों, उनके कामकाज और टेंडर प्रक्रिया में उनकी भूमिका की जांच करेगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि ठेकेदारों को नगर निगम के कार्य किस प्रक्रिया के तहत आवंटित किए गए और पूरी प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्या भूमिका रही।पांच दिन में अंतरिम, 10 कार्य दिवस में अंतिम रिपोर्ट जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह पांच दिनों के भीतर अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत करे, जबकि 10 कार्य दिवस के भीतर अंतिम रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपनी होगी। जांच के दायरे में ठेकेदारों के पंजीकरण से लेकर उनके द्वारा किए गए कार्यों और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को शामिल किया गया है।125 करोड़ रुपये के टेंडरों में गड़बड़ी के आरोप मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नगर निगम में लगभग 125 करोड़ रुपये के टेंडरों में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। आरोपों में टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत, सीमित लोगों के बीच कामों के बंटवारे और कथित ठेकेदार सिंडिकेट जैसे बिंदु शामिल बताए जा रहे हैं।प्रशासन की जांच में यह स्पष्ट करने का प्रयास होगा कि क्या टेंडर प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से हुई या किसी विशेष समूह को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों का उल्लंघन किया गया।अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे मेंजांच समिति केवल ठेकेदारों के दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नगर निगम के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल करेगी। टेंडर तैयार करने, तकनीकी एवं वित्तीय प्रक्रिया, कार्य आवंटन और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद जिम्मेदारी तय किए जाने की संभावना है।फिलहाल जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।न्यूज स्टेटस 24 पूरी करे सच की जिज्ञासा ✍🏼