न्यूज स्टेटस 24, विनय निगम ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड। बांदा, 17 अगस्त 2026।राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बाँदा के प्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी विभाग द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दिनांक 05 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के अंतर्गत आज दिनांक 17 अगस्त 2026 को विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो0 शिव प्रसाद शुक्ला ने आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी से पधारे मुख्य वक्ताओं, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. देवेंद्र मोहन और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. संदीप कुमार को शॉल, मोमेंटो एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। यह अवसर भारतीय संस्कृति, ज्ञान एवं जीवन-मूल्यों के प्रति सम्मान का भी प्रतीक रहा। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. शैलेन्द्र बादल, प्रभारी इंडक्शन प्रोग्राम/विभागाध्यक्ष, प्रयुक्त विज्ञान एवं मानविकी विभाग ने आये हुये अतिथियों का स्वागत करते हुये कहा कि यह कार्यक्रम केवल संस्थान एवं उसकी व्यवस्थाओं से परिचित कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास की मजबूत नींव रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। संस्थान के निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर अध्ययन, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच, तकनीकी ज्ञान एवं मानवीय मूल्यों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे संस्थान की शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहभागिता करें, अपनी प्रतिभा को निखारें तथा भविष्य में एक कुशल इंजीनियर के साथ-साथ एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में राष्ट्र एवं समाज के विकास में अपना योगदान दें। विशेषज्ञ व्याख्यान हेतु आमंत्रित अतिथि प्रो0 देवेन्द्र मोहन द्वारा विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुये जीवन में एकाग्रचित्त रहते हुये जीवन के गोल को समझनें एवं स्वयं पर आत्मविश्वास रखते हुये पूर्ण निष्ठा एवं लगन के साथ अपने लक्ष्य के प्रति निरन्तर प्रयास करते रहने, लक्ष्य के सापेक्ष प्रतिदिन बढ़ते रहने तथा अपने अमूल्य समय का सदप्रयोग करने हेतु प्रेरित किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में प्रो. देवेंद्र मोहन ने स्वामी विवेकानन्द को भगवान शिव का अवतार बताते हुय उनके विचारों से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिदिन निरंतर प्रयास करते रहें। उन्होंने छात्रों को स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन से जोड़ते हुए अपने लक्ष्य पर पूरी निष्ठा के साथ डटे रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के द्वितीय पाली में आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान में मुख्य वक्ता प्रो. संदीप कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जीवन में सत्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को हमेशा सत्य के मार्ग पर अडिग रहने और निरंतर उसकी खोज करने के लिए प्रेरित किया। सत्य से जो रास्ता मिलता है, वह अत्यंत सुगम और स्पष्ट होता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे किसी की भी बातों पर बिना सोचे-समझे भरोसा न करें, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रश्न पूछने और गहराई से चिंतन करने की आदत डालें। सत्य और निरंतर अध्ययन के बल पर ही छात्र अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को जागरूक करते हुए कहा कि जीवन में प्रगति के लिए तर्कसंगत सोच और प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति का होना जरूरी है। किसी की बातों पर आसानी से विश्वास करने के बजाय गहराई से सोचना ही सही दिशा दिखाता है। सत्य के रास्ते पर चलकर ही कोई भी व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है। उक्त कार्यक्रम में संस्थान के सहायक आचार्य डॉ0 सिद्धार्थ कुमार अरजरिया, डॉ0 अभिजीत सिंह, श्री सौरभ त्रिपाठी, श्री रवि शंकर शुक्ला एवं श्री अविनास गौर, गैर शैक्षणिक कर्मचारी श्री गुरू प्रसाद, श्री नरेन्द्र खेंगर एवं श्री अवध तिवारी तथा भारी संख्या में छात्र-छात्रायें उपस्थित रहें।
