
न्यूज स्टेटस 24, विवेक द्विवेदी।नई दिल्ली।देश में परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें कांग्रेस के शासनकाल के दौरान कथित तौर पर हुए विभिन्न परीक्षा पेपर लीक मामलों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए गए हैं कि उस समय पार्टी नेतृत्व ने संबंधित मंत्रियों से इस्तीफे की मांग क्यों नहीं की ? वायरल पोस्ट में वर्ष 2004 के CBSE PMT, 2006 के AIIMS PG, 2011 के AIEEE, 2011 के CBSE 12वीं फिजिक्स तथा 2013 के RPSC से जुड़े पेपर लीक या परीक्षा अनियमितताओं का जिक्र किया गया है। इन घटनाओं में से कई मामलों में उस समय जांच एजेंसियों और संबंधित संस्थानों ने कार्रवाई की थी तथा कुछ परीक्षाओं में वैकल्पिक प्रश्नपत्र या पुनर्परीक्षा भी कराई गई थी। हाल के वर्षों में भी NEET, भर्ती परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में व्यापक बहस हुई है। इसी पृष्ठभूमि में पुराने मामलों को सामने लाकर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। हालांकि, वायरल पोस्ट में किए गए राजनीतिक निष्कर्ष और आरोप संबंधित पोस्ट या उसके प्रकाशक के दावे हैं। किसी भी दावे की पुष्टि आधिकारिक जांच रिपोर्ट, न्यायालय के रिकॉर्ड या संबंधित सरकारी दस्तावेजों के आधार पर ही की जानी चाहिए। उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि सूचीबद्ध कई परीक्षा विवाद वास्तव में उस समय चर्चा में रहे थे, लेकिन प्रत्येक मामले की परिस्थितियां और निष्कर्ष अलग-अलग रहे हैं। News Status 24पूरी करे सच की जिज्ञासा
