
न्यूज स्टेटस 24, विनय निगम ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड- बांदा । कभी पूर्व मंत्री स्वर्गीय डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा के दौर में करीब तीन दशक तक जिले के सबसे वीआईपी गांवों में शुमार रहे नरैनी विधानसभा क्षेत्र के नंदवारा और नौहाई में बारिश ने इस बार बदइंतजामी की पोल खोल दी। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बरसात का पानी दर्जनों घरों में घुस गया। हालात ऐसे बने कि कई परिवारों के घरों में चूल्हे तक नहीं जल सके और मासूम बच्चों तथा महिलाओं समेत लोगों को खुले आसमान के नीचे सड़क पर भूखे रहने को मजबूर होना पड़ा।बारिश का पानी इंद्रपाल मास्टर साहब के पुरवा में जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष हनुमान दास राजपूत के मकान समेत आसपास के दर्जनों घरों में भर गया। ग्रामीणों के मुताबिक जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त होती तो हालात इतने भयावह नहीं होते।ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश से पैदा हुई इस आपदा के बावजूद प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक अब तक कोई प्रभावी राहत नहीं पहुंची। जलभराव के कारण घरों में रखा सामान प्रभावित हुआ है और परिवारों के सामने भोजन तथा सुरक्षित आश्रय की समस्या खड़ी हो गई है।कभी वीआईपी गांवों की सूची में अपनी पहचान रखने वाले नंदवारा और नौहाई की मौजूदा तस्वीर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सवाल यह है कि जब बरसात हर साल आती है तो जल निकासी की स्थायी व्यवस्था अब तक क्यों नहीं हो सकी? प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और जलभराव से निजात दिलाने के लिए प्रशासन कब ठोस कदम उठाएगा?
