
न्यूज स्टेटस 24, विनय निगम ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड। बांदा। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए 12 माह तक की अवधि के किरायानामा एवं पट्टा विलेखों की डिजिटल स्टाम्पिंग हेतु पूर्णतः ऑनलाइन सुविधा प्रारंभ की गई है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत मकान मालिक, किरायेदार तथा अन्य नागरिक उप निबंधक कार्यालय में उपस्थित हुए बिना ऑनलाइन किरायानामा/पट्टा विलेख तैयार कर सकेंगे। साथ ही स्टाम्प शुल्क का भुगतान कर आधार आधारित ई-हस्ताक्षर के माध्यम से डिजिटल रूप से स्टाम्पित दस्तावेज की प्रति भी प्राप्त कर सकेंगे।यह जानकारी देते हुए उप महानिरीक्षक निबंधन, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा रईस अहमद खां ने बताया कि विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध सुविधा के माध्यम से दोनों पक्ष आवश्यक विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इसके आधार पर प्रणाली स्वतः देय स्टाम्प शुल्क की गणना करेगी। शुल्क जमा होने के बाद दोनों पक्ष ई-हस्ताक्षर कर तत्काल डिजिटल रूप से स्टाम्पित किरायानामा प्राप्त कर सकेंगे।उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था नागरिकों को सरल, त्वरित, पारदर्शी एवं सुविधाजनक सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल रूप से स्टाम्पित किरायानामा एवं पट्टा विलेख पक्षकारों के मध्य हुए अनुबंध का विधिक रूप से मान्य एवं प्रमाणिक अभिलेख होगा, जिसका आवश्यकतानुसार साक्ष्य (Legal Evidence) के रूप में उपयोग किया जा सकेगा।उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से किरायेदारी की अवधि, किराया, अग्रिम धनराशि, कब्जा एवं अन्य शर्तों से संबंधित विवादों में कमी आएगी। साथ ही नागरिकों को अनावश्यक वाद-विवाद एवं मुकदमेबाजी से राहत मिलेगी। यह व्यवस्था विधिसम्मत दस्तावेजीकरण को बढ़ावा देगी तथा अनौपचारिक एवं अप्रमाणित किरायानामों की प्रवृत्ति को कम करेगी।उप महानिरीक्षक निबंधन ने बताया कि स्टाम्प शुल्क की सही गणना एवं ऑनलाइन भुगतान से राज्य सरकार को देय राजस्व की प्राप्ति भी सुनिश्चित होगी। यह व्यवस्था जनहित एवं राजस्व हित दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने जनपद बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर एवं महोबा के नागरिकों, समस्त शासकीय एवं अर्द्धशासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के कर्मचारियों, व्यापारिक संगठनों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों, आवासीय कल्याण समितियों, मकान मालिकों एवं किरायेदारों से अपील की है कि वे इस ऑनलाइन सुविधा का अधिकाधिक उपयोग करें तथा अन्य लोगों को भी इसके संबंध में जागरूक करें, जिससे अधिक से अधिक नागरिक स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा प्रारंभ की गई इस अभिनव डिजिटल सेवा का लाभ प्राप्त कर सकें।
