
न्यूज स्टेटस 24, विवेक द्विवेदी ✍🏼अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से कथित धनराशि चोरी किए जाने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी रिपोर्ट तलब की है। इस घटनाक्रम के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य एवं मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे और ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ लंबी बैठक कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली।बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के आंतरिक ऑडिट में कुछ अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पुलिस द्वारा मंदिर से जुड़े कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही नकदी बरामद होने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है।इस बीच मंदिर के पूर्व लेखाधिकारी महिपाल सिंह के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। उनका दावा है कि वर्ष 2022 के आसपास दानपात्र से नियमित रूप से बड़ी मात्रा में धनराशि की चोरी होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया तथा संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी हटा दी गई। महिपाल सिंह का कहना है कि यह कथित सिंडिकेट लंबे समय से सक्रिय था और समय के साथ इसकी गतिविधियां और बढ़ गईं।ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार दानपात्र व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जा रही है और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।घटना के सामने आने के बाद देशभर के श्रद्धालुओं और सनातन समाज में चिंता का माहौल है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। :::नोट: चूंकि इस मामले में कई दावे और आरोप “सूत्रों” तथा संबंधित व्यक्तियों के बयानों पर आधारित हैं, इसलिए प्रकाशन से पहले आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें।
