
न्यूज स्टेटस 24,विवेक द्विवेदी। कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को हुए बड़े मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान 35 नए मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल आर. एन. रवि ने सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की सरकार के इस विस्तार में कई नए और चर्चित चेहरों को जगह मिली, लेकिन सबसे अधिक चर्चा भाजपा विधायक Kalita Majhi की हो रही है। कलिता माझी की कहानी संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल बनकर सामने आई है। कभी दूसरों के घरों में बर्तन धोकर और घरेलू कामकाज करके परिवार का पालन-पोषण करने वाली कलिता आज पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री बन गई हैं। कुछ वर्ष पहले तक उनका जीवन आर्थिक कठिनाइयों से घिरा हुआ था और घरेलू सहायिका के रूप में मिलने वाली मामूली आय ही उनके परिवार की आजीविका का आधार थी। राजनीति में सक्रिय होने के बाद कलिता ने जमीनी स्तर पर लगातार काम किया और लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई। विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर ऑसग्राम सीट से जीत दर्ज कर उन्होंने पहली बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। उनकी जीत को उस समय भी एक बड़ी सामाजिक और राजनीतिक उपलब्धि माना गया था। प्रधानमंत्री Narendra Modi भी कलिता माझी के संघर्ष और मेहनत की सराहना कर चुके हैं। अब मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका राजनीतिक कद और बढ़ गया है। भाजपा नेतृत्व ने उन्हें आम लोगों, विशेषकर महिलाओं और गरीब वर्ग की आकांक्षाओं का प्रतिनिधि चेहरा माना है। पश्चिम बंगाल के इस मंत्रिमंडल विस्तार को सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 35 नए मंत्रियों को शामिल कर प्रशासनिक मजबूती और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है। इस विस्तार में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ जमीनी स्तर से उभरकर आए चेहरों को भी अवसर दिया गया है। कलिता माझी का घरेलू सहायिका से विधायक और फिर मंत्री बनने तक का सफर इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियां भी किसी व्यक्ति के सपनों और संकल्प को नहीं रोक सकतीं। उनकी कहानी आज लाखों महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। News Status 24
