
न्यूज स्टेटस 24(विनय निगम)बांदा। जलवायु परिवर्तन से एशिया में सबसे ज्यादा “गर्म” हुए बांदा जिले की नदियों में अभी भी अंधाधुंध अत्याचार जारी है। छोटे छोटे भूखंडों के पट्टे हासिल कर बालू माफिया नदियों के जल जीवन में “बड़ी तबाही” मचा रहे हैं। प्रशासन बाहुबली माफिया के पालतू बालू चोरों से जुर्माना वसूली करके राजस्व बढ़ाने में लगा है।भाजपा के लालची नेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों की बदौलत जिले में दो दर्जन से अधिक बालू खदानों में अंधाधुंध खनन और परिवहन खुलेआम किया जा रहा है। ऐसा लगता है, नदियों के सभी पहरेदार बालू माफिया की मुट्ठी में है। सूत्र बताते हैं, बालू चोरों और पहरेदारों के बीच “जुर्म करो, जुर्माना भरो”,की पक्की डील है । किस विधानसभा में कौन-कौन सी बालू खदान में कब- कब और कितना-कितना जुर्माना किया जायेगा! सब कुछ तय है। अंधाधुंध खनन और परिवहन के मामले में काफी समय से पूरे जिले में कुख्यात बबेरू विधानसभा की चरका खादर खंड दस बालू खदान में भी बीती ७म ई को राजस्व व खनिज विभाग की जांच टीम,जब जुर्माना की रस्म अदायगी में पहुंची,तब तक वहां से नदी के जल जीवन को तहश नहश करके करोड़ों की बालू लुट चुकीं थीं। प्रशासन द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दी गई, की सोशल मीडिया पर आ रही शिकायतो को संज्ञान लेते हुए बबेरू के चरका खादर ग्राम में खंड संख्या १० में राजस्व एवं खनिज विभाग की जांच टीम पहुंची।10348 घन मीटर बालू खनन स्वीकृत पट्टा क्षेत्र से बाहर पाया गया। आरोपी पटटाधारक को लगभग एक करोड़ रुपए के जुर्माना की नोटिस जारी की गई।स्पष्ट है, सोशल मीडिया में शोर नहीं मचता,तो नदी के पहरेदार बालू चोरी देखने और जुर्माना करने,तय समय से पहले वहां नहीं पहुंचते। सूत्रों की मानें तो राजस्व और खनन विभाग की जांच टीम अब नरैनी के बहादुर, गिरवा और पथरा गांव में संचालित बालू खदानों में जाएगी। अवैध खनन पायेंगी। और जुर्माने की नोटिस जारी होगी। जुर्माना भरकर नदियों की बालू “बेहिसाब लूटने” का यह सिलसिला बीते कई सालों से कायम है। नदियों को बचाने के लिए योगी सरकार द्वारा किए गए प्रयास सफल नहीं हुए। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ताज़ा रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं वह ना सिर्फ चिंतित करने वाले हैं,बल्कि पूरे सरकारी सिस्टम को कटघरे में खड़ा करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा अवैध खनन और परिवहन बांदा चित्रकूट हमीरपुर जनपद में हुआ है। बांदा जिले में छह बालू खदानों के पट्टाधारी ही लगभग 45.48 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अपने पट्टा क्षेत्र से अलग हटकर नदी में अंधाधुंध खनन परिवहन करके बेहिसाब बालू लूट ले गए।कैग ने नदियों में हो रहे अंधाधुंध खनन परिवहन के लिए इन विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट में प्रशासनिक विफलता और निगरानी तंत्र की कमी के कारण नदियों में हो रहे अंधाधुंध खनन परिवहन पर गम्भीर चिंता जताई गई है। वहीं,लगातार दूसरे साल बांदा जिले का तापमान बेहद बढ़ने से भू वैज्ञानिक भी नदियों के जल जीवन और वनस्पतियों को बचाने के लिए सरकार को लगातार आगाह कर रहे हैं। फिलहाल, बाहुबली बालू माफिया हमारी जीवन दायिनी नदियों में अपनी मनमर्जी से ताबाही मचा रहे हैं।
