
न्यूज स्टेटस 24 – विवेक द्विवेदी , कानपुर। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना-2027 की प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है। सात मई से जनगणना के पहले चरण के तहत ‘स्व-गणना’ की सुविधा शुरू होगी, जो 21 मई तक चलेगी। इस ऐतिहासिक पहल के माध्यम से नागरिक पहली बार घर बैठे ऑनलाइन अपना और अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज कर सकेंगे।केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस डिजिटल व्यवस्था के तहत नागरिक आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। मोबाइल नंबर और नाम दर्ज करने के बाद ओटीपी सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूर्ण होने पर नागरिकों को 33 प्रश्नों की प्रश्नावली भरनी होगी।सभी जानकारी सफलतापूर्वक जमा होने के बाद प्रत्येक परिवार को 11 अंकों की एक विशेष ‘एसई आईडी’ प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।‘एसई आईडी’ बनेगी सबसे महत्वपूर्ण पहचान स्व-गणना करने वाले परिवारों को 22 मई से शुरू होने वाले घर-घर सर्वे में काफी सुविधा मिलेगी। जब प्रगणक घर पहुंचेंगे तो परिवार को केवल अपनी एसई आईडी दिखानी होगी। यदि ऑनलाइन दर्ज किया गया डेटा रिकॉर्ड से मेल खाता है तो उसे तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी।नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड होगी। नागरिकों से किसी भी प्रकार की बैंक जानकारी, आधार संख्या या वित्तीय विवरण नहीं मांगे जाएंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि प्रगणक के घर आने पर उनका आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य देखें।प्रशासन के अनुसार जनगणना का उद्देश्य विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े जुटाना है, न कि नागरिकता प्रमाणित करना।दो चरणों में पूरी होगी जनगणना का पहला चरण मई-जून 2026 में “हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग” के रूप में संचालित होगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार और जातिगत आंकड़ों सहित कई महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्र की जाएंगी।नगर निगम प्रशासन ने बताया कि डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रगणकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। आम जनता से अपील की गई है कि सात से 21 मई के बीच पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करें और डिजिटल इंडिया के इस महाअभियान का हिस्सा बनें।
