
विनय निगम- ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड,बांदा।हर साल सूखे और बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले बांदा जिले में लगातार दूसरे वर्ष गर्मी ख़तरे के निशान को पार कर गई है। गर्मी का बीते पचहत्तर वर्षों का रिकॉर्ड बांदा जिले में इस बार अप्रेल ने तोड़ दिया।केन देवी की कोख उजड़ने से क्रोधित सूर्य देवता अपनी प्रचंड किरणों से बांदा जिले को जलाने पर आमादा हैं। अप्रेल में ही भीषण गर्मी की आपदा झेल रहे बांदा जिले के बढ़ते तापमान से दुनिया हैरान हैं। भारत ही नहीं एशिया के सबसे गर्म हो रहे जिलों में बांदा अप्रेल से ही बढ़त बनाए हुए हैं। म ई के महीने में गर्मी और विस्फोटक होने के आसार से लोग भयभीत सरकार परेशान है।नये जिलाधिकारी अमित आसेरी सूर्य की ज्वाला से जन जीवन को बचाने के लिए जी जान से जुटे हैं। सबसे बेपरवाह, बालू माफिया बीजेपी के तथाकथित “बेईमान नेताओं” के संरक्षण में अभी भी भयानक पोकलैंड मशीनों से नदियों की कोख उजाड़ने में जुटे हुए हैं। बांदा, बबेरू नरैनी तिंदवारी चारों विधानसभा में बालू माफिया “प्रशासनिक सिस्टम” पर भारी पड़ रहे हैं। जानकार बताते हैं,कि योगी राज में बांदा जिले की बालू लूटने के लिए खदान संचालकों द्वारा प्रशासनिक सिस्टम में पकड़ रखने के लिए बीजेपी के रसूखदार लालची नेताओं से सांठगांठ की गई। बदनामी से बचने के लिए मीडिया को मुट्ठी में करने की योजना बनी। दो से पांच हजार रुपए चुका कर मीडिया संस्थानों से अपने पालतू पिट्ठुओं को संवाददाता का तमगा दिलाकर,मैदान में उतार दिया। सूत्रों की मानें, तो बड़े अफसरों के प्रत्येक मुवमेनट पर प्रजेंट रहने वाले बालू के लोकेशन बाजों से प्रशासन इन्हीं की बजह से पार नहीं पाता। फिलहाल जिले में अवैध खनन और परिवहन रोकने के लिए अभी तक जितने प्रयास किए गए, वह निराश करने वाले साबित हुए। जिले की नदियों में बालू माफियाओं के “ज़ुल्म” ज्यों के त्यों जारी है। बीते वर्ष अप्रेल में बांदा जिले की गर्मी ने देश में रिकॉर्ड बनाया था। इस बार की गर्मी में बांदा एशिया टाप कर गया। भूवैज्ञानिक भीषण गर्मी की वजह केन और वाघेन नदियों में हो रहे अंधाधुंध खनन और और वनस्पतियों के नष्ट होना बता रहे हैं। चेतावनी दी जा रही है। नदियों को अंधाधुंध खनन और वनस्पतियों को नष्ट होने से नहीं बचाया गया तो जिले में भीषण गर्मी, बाढ़ और सूखें जैसी आपदाएं आने वाले समय में भारी तबाही मचायेगी।
