
लखनऊ से बड़ी खबर:न्यूज स्टेटस 24,(विवेक द्विवेदी) लखनऊ – विकास निधि आवंटन में सपा ने पक्षपात का आरोप, नेता विरोधी दल माता प्रसाद पाण्डेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर “त्वरित विकास योजना” के तहत निधि आवंटन में कथित पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया है। यह पत्र उत्तर प्रदेश विधान सभा से जारी किया गया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।क्या है पूरा मामला?पत्र के अनुसार, त्वरित विकास योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए सत्तारूढ़ दल के विधायकों को लगभग 5-5 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है, जबकि विपक्षी दलों के विधायकों को केवल 1-1 करोड़ रुपये दिए गए हैं।इस असमान आवंटन को लेकर पाण्डेय ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह न केवल भेदभावपूर्ण है, बल्कि इससे प्रदेश के समग्र विकास पर भी असर पड़ेगा।पत्र में क्या मांग की गई?माता प्रसाद पाण्डेय ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि—प्रदेश के संतुलित विकास के लिए सभी क्षेत्रों को समान अवसर मिलना चाहिएविपक्षी विधायकों को भी सत्तारूढ़ दल के समान 5-5 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की जाए विकास योजनाओं में राजनीतिक भेदभाव समाप्त किया जाएविपक्ष का हमला तेजइस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि विकास कार्यों में भेदभाव लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो कई क्षेत्र विकास से वंचित रह जाएंगे।सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजारफिलहाल इस पूरे मामले पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।—न्यूज एंगल:यह मामला केवल धन आवंटन का नहीं, बल्कि “समान विकास बनाम राजनीतिक प्राथमिकता” की बहस को भी जन्म दे रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस आरोप पर क्या रुख अपनाती है।
