
न्यूज स्टेटस 24 (विनय निगम .ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड)बांदा। योगी सरकार में “स्वार्थी” भाजपा नेताओं के “कमाऊ लाल” बने तथाकथित सपाई “सत्ता की मलाई” खा रहे हैं। लाल सोने की लूट से हो रही “काली कमाई”से लाल टोपी वालों को “मालामाल” होते देख भाजपाई गुस्से से “लाल”हो रहे हैं। बुन्देलखण्ड में अवैध खनन के खिलाड़ी भाजपा के रसूखदार नेताओं की “बालू टीम” में सबसे ज्यादा सपाई शामिल हैं। जो उन्हें बदनामी से बचाते हैं । बालू की काली कमाई ओवरलोड भर भर ठेला देते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं को “नेताजी” और उनके “कमाऊ लाल” कभी एक ढेला नहीं देते। बांदा जिले में भाजपा की हालत ज्यादा चिंताजनक है। यहां दो दर्जन से ज्यादा “लाल सोना” कहे जाने वाली बालू खदाने हैं। लगभग सभी खदानों में सपाई छाये हुए हैं। अंधाधुंध अवैध खनन से नदियां चीत्कारती है। रोज ओवरलोड भर भर ठेला लाल सोना लूटते हैं लाल टोपी वाले। “भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस” चीखते, भाजपाई गुस्से से लाल होते रहते हैं। यह सिलसिला,बीते चार वर्षों से चल रहा है। योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी साल होने पर जिले में भ्रष्टाचार लहलहाते देख भाजपाइयों में मन में अपने नेताओं के प्रति मलाल बढता जा रहा है। सूबे में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार हो रही भाजपा के लिए यह बुरी खबर है। लाल सोने की लूट से सपाई बांदा जिले के भाजपाइयों में फूट डाल चुके है। सूत्रों की मानें तो आने वाले चुनाव में “बालू के धंधेबाज” उन बीजेपी नेताओं को कड़ा सबक सिखाने के मूड में हैं कार्यकर्ता, जो लाल टोपी वालों को अपना ” कमाऊं लाल” बनाकर गुलछररे उड़ा रहे है ।
