
विनय निगम (ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड) न्यूज स्टेटस 24 बांदा। कांग्रेस से होते हुए समाजवादी पार्टी में प्रवेश करने वाले मायावती सरकार के कैबिनेट मंत्री को “बसपा का गद्दार”हाथी बताने वाले, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अपने बयान से पलट गये है। न्यूज़ स्टेट 24 में ख़बर चलते ही पूर्व जिलाध्यक्ष की हेकड़ी हवा हवाई हुई। पत्रकारों से पूर्व मंत्री की तारीफ में खूब कसीदे पढ़े। समाजवादी पार्टी में आजम खां जैसे कद का नेता बताते हुए दावा किया,कि पूर्व मंत्री को उन्होंने कभी बसपा का गद्दार हाथी नहीं कहा। मायावती सरकार में वह अपने भाईयों और परिवार के प्रति कितने वफादार रहें हैं?इसे पूरी

दुनिया जानती है। मुस्लिम समाज के रहनुमा पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार बनाने के लिए समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। इससे भाजपा डरी हुई है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने रसूखदार भाजपा नेताओं के संरक्षण में बालू व्यापार और “मीडिया मैनेजमेंट” करने के आरोप से भी पल्ला झाड़ा है। पूर्व जिलाध्यक्ष के द्वारा दी गई सफाई में कितनी सच्चाई है यह आने वाले समय में पता चलेगा। गौरतलब है,समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद ग्रह जनपद आए पूर्व मंत्री का सपाइयों द्वारा गाजे बाजे के साथ स्वागत किया गया था। बताते हैं, तभी पूर्व जिलाध्यक्ष,ने खीझते उन्हें बसपा का गद्दार हाथी बोला और इससे नाराज़ होकर पूर्व मंत्री के एक समर्थक ने उन पर नरैनी की जरर व खलारी बालू खदानों में भाजपा के साथ मिलकर अवैध खनन कराने मीडिया मैनेजमेंट करने जैसे आरोप लगाएं। न्यूज़ स्टेट 24 में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और पूर्व मंत्री के समर्थक के बीच हुई कहा सुनी की खबर चलने के बाद सपा में माहौल बहुत गर्म हो गया। सूत्रों के अनुसार, मौके की नजाकत भांप पूर्व जिलाध्यक्ष अपने विवादित बयान से तुरंत पल्ला झाड़ने लगे। पूर्व मंत्री के समर्थक भी शांत हो गये है। सपा के सियासी जानकार इसे तुफान आने के पहले वाली शांती बता रहे हैं।
