
📰 विनय निगम ( ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड)न्यूज स्टेटस 24 ✍🏼 बांदा जिले की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। हाल ही में पार्टी में शामिल हुए एक पूर्व मंत्री को लेकर विवाद गहराता जा रहा है, जिससे सियासी तापमान लगातार बढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जिले के एक पूर्व जिलाध्यक्ष—जिन्हें लंबे समय से सपा का प्रभावशाली मुस्लिम चेहरा माना जाता रहा है—ने पूर्व मंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “गद्दार हाथी” तक कह दिया। इस बयान के बाद पार्टी के अंदर तनाव और बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री के अपने गृह जनपद आगमन पर कार्यकर्ताओं द्वारा गाजे-बाजे के साथ किए गए भव्य स्वागत से पूर्व जिलाध्यक्ष खासे नाराज़ हैं।पूर्व जिलाध्यक्ष ने यहां तक दावा किया है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री की भूमिका पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के चलते पार्टी की स्थिति कमजोर हो सकती है।वहीं, पूर्व मंत्री के समर्थकों ने भी पलटवार करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समर्थकों का कहना है कि पूर्व जिलाध्यक्ष परोक्ष रूप से भाजपा के हित में काम कर रहे हैं और उन्हें “दलाल” तक करार दिया जा रहा है। साथ ही, नरैनी तहसील के जरर और खलारी गांवों में संचालित बालू खदानों को लेकर “मीडिया मैनेजमेंट” और अवैध कमाई के आरोप भी लगाए गए हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद केवल व्यक्तिगत बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्थानीय स्तर पर वर्चस्व की लड़ाई भी है। खासतौर पर मुस्लिम नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर असहमति सामने आ रही है।जानकारी यह भी सामने आई है कि बसपा शासनकाल के दौरान सपा से जुड़े कई मुस्लिम नेताओं को प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था, जिनमें पूर्व मंत्री के परिवार के सदस्य भी शामिल बताए जाते हैं। ऐसे में पुराने विवाद और आपसी अविश्वास अब फिर से उभरते दिखाई दे रहे हैं।फिलहाल पार्टी नेतृत्व स्थिति को संभालने की कोशिश में जुटा है और दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हुआ है, उससे साफ है कि सपा की अंदरूनी कलह फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही।NEWS STATUS 24 पर बने रहें, हर बड़ी राजनीतिक खबर के लिए।
