
डेस्क रिपोर्ट | News Status 24 ,भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi की जाति को लेकर समय-समय पर कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक अक्सर यह दावा किया जाता है कि उनकी जाति पहले “सामान्य (General)” वर्ग में आती थी और बाद में उसे OBC में शामिल किया गया। लेकिन इस दावे की सच्चाई क्या है? आइए जानते हैं पूरी पड़ताल।कौन सी जाति से आते हैं नरेंद्र मोदी?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के “घांची” (Ghanchi) समुदाय से आते हैं,

जिसे कई जगह “तेली” समुदाय से भी जोड़ा जाता है। यह समुदाय परंपरागत रूप से तेल निकालने और उससे जुड़े व्यवसायों में संलग्न रहा है।क्या पहले यह जनरल कैटेगरी में थी? विशेषज्ञों और सामाजिक अध्ययन के अनुसार, “घांची” समुदाय को ऐतिहासिक रूप से सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग माना जाता रहा है। यह समुदाय कभी भी प्रमुख रूप से “सामान्य वर्ग” का हिस्सा नहीं रहा।हालांकि, सरकारी दस्तावेजों में किसी जाति की स्थिति तय करने की प्रक्रिया अलग होती है, जो समय-समय पर बदलती रहती है।OBC में कब शामिल हुआ यह समुदाय?गुजरात सरकार ने 1990 के दशक में “घांची” समुदाय को औपचारिक रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में शामिल किया। इसके बाद से यह समुदाय आरक्षण की श्रेणी में आता है।राजनीतिक विवाद और सच्चाई कई बार राजनीतिक बहसों में यह मुद्दा उठाया गया कि मोदी की जाति को बाद में OBC में जोड़ा गया। लेकिन तथ्य यह है कि यह समुदाय पहले से ही सामाजिक रूप से पिछड़ा माना जाता था, केवल उसे सरकारी सूची में औपचारिक मान्यता बाद में मिली।निष्कर्ष👉 “घांची” समुदाय को पहले “जनरल” कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।👉 यह समुदाय लंबे समय से पिछड़े वर्ग के रूप में जाना जाता रहा है।👉 1990 के दशक में इसे आधिकारिक रूप से OBC में शामिल किया गया।
