
NEWS STATUS 24 _जो पूरी करे सच की जिज्ञासा—लखनऊ :बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई ने राजनीतिक रंग ले लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश सिंह के बाद अब बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी इस छापेमारी पर नाराजगी जताई है।मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अब तक उमाशंकर सिंह के खिलाफ अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने या किसी अन्य गलत कार्य की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी लिखा कि उमाशंकर सिंह पिछले करीब दो वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसे में यदि आयकर विभाग को कोई शिकायत मिली भी थी तो उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उनसे पूछताछ बाद में की जा सकती थी।बीएसपी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि पार्टी विभाग के कार्य में दखल नहीं दे रही है, लेकिन गंभीर बीमारी के दौरान इस प्रकार की कार्रवाई को उन्होंने “अति-दुर्भाग्यपूर्ण” और “मानवता के खिलाफ” बताया।मायावती के करीबी माने जाते हैं उमाशंकर । राजनीतिक गलियारों में उमाशंकर सिंह को मायावती के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता है। मायावती सामान्यतः निजी कार्यक्रमों में कम ही जाती हैं, लेकिन बताया जाता है कि वे उमाशंकर सिंह के घर कई पारिवारिक आयोजनों में शामिल हो चुकी हैं, यहां तक कि उनकी शादी की सालगिरह पर भी पहुंची थीं।बीएसपी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह फिलहाल बीएसपी के एकमात्र विधायक हैं और बलिया की रसड़ा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। वे छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक बताए जाते हैं और बड़े कारोबारी के रूप में भी उनकी पहचान है।सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा मोदी-योगी सरकार के दौरान भी उनकी कंपनी को पिछले एक दशक में कई बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं। अयोध्या में बन रहा राम वन गमन पथ प्रोजेक्ट भी उनकी कंपनी के पास बताया जा रहा है।भारी फोर्स के साथ छापेमारी जानकारी के अनुसार आयकर विभाग की टीम करीब 50 वाहनों के काफिले और लगभग 300 अधिकारियों के साथ छापेमारी के लिए पहुंची। कार्रवाई से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।उमाशंकर सिंह की राजनीतिक पहुंच को लेकर यह भी चर्चा रहती है कि उनके संबंध लगभग सभी प्रमुख दलों से मधुर रहे हैं। फिलहाल वे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।अब सबकी नजर आयकर विभाग की जांच के नतीजों पर टिकी है।
