
: न्यूज स्टेटस 24, विनय निगम ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड।बांदा। जनपद में मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और प्रजनन काल के दौरान मछलियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी अमित आसेरी ने उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के अंतर्गत महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जनपद की नदियों एवं उनकी समस्त जलधाराओं में 1 जून से 31 अगस्त तक तथा तालाबों एवं जलाशयों में 1 जुलाई से 31 अगस्त तक मत्स्य संरक्षण संबंधी विशेष प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे। यह आदेश उन सभी जल क्षेत्रों पर लागू होगा जिन्हें व्यक्तिगत अथवा धार्मिक उपयोग के लिए घोषित नहीं किया गया है।आदेश के तहत किसी भी व्यक्ति द्वारा विस्फोटक पदार्थों अथवा कृषि एवं व्यापारिक कार्यों में प्रयुक्त विषैले रसायनों का उपयोग कर मछली पकड़ना या पकड़ने का प्रयास करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।इसके अलावा 15 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक मत्स्य जीरा एवं 2 से 10 इंच आकार की मत्स्य अंगुलिका को पकड़ने, बेचने अथवा व्यापार करने पर रोक लगाई गई है। वहीं 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक प्रजननशील मछलियों को पकड़ना, मारना या बेचना भी प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि मत्स्य विभाग, बांदा द्वारा विधिवत जारी वैध लाइसेंस धारकों को निर्धारित नियमों के अनुसार छूट प्रदान की जाएगी।जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति प्राकृतिक जल प्रवाह को रोकने के लिए किसी प्रकार का अवरोध नहीं लगाएगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते हुए पाया गया तो अवरोधक सामग्री के साथ पकड़ी गई मछलियां, मत्स्य जीरा और अंगुलिकाएं जब्त कर ली जाएंगी।डीएम अमित आसेरी ने कहा कि मत्स्य संरक्षण संबंधी आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी मछुआरों एवं संबंधित लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की है, जिससे मत्स्य संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
