
न्यूज स्टेटस 24, विवेक द्विवेदी ✍🏼लखनऊ, 30 मई। सहकारिता क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से सहकार भारती पैक्स प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय टोली की एक महत्वपूर्ण बैठक आज एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, लखनऊ में आयोजित की गई। दिनभर चली इस बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समितियों) से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।बैठक का आह्वान राष्ट्रीय प्रमुख पैक्स प्रकोष्ठ राजदत्त पाण्डेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सहकार भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर ने संगठन पदाधिकारियों

एवं प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने के लिए सभी राज्यों में बेहतर समन्वय एवं प्रभावी संचालन की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों तक सहकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा पैक्स संस्थाओं को आत्मनिर्भर एवं मजबूत बनाने पर जोर दिया।बैठक में उत्तर प्रदेश सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सिंह एवं प्रदेश महामंत्री अरविंद दुबे की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने प्रदेशों में पैक्स की स्थिति, उपलब्धियों एवं चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।चर्चा के दौरान किसानों को पैक्स के माध्यम से मिलने वाले लाभ, समितियों के सुचारु संचालन, सचिवों की उपलब्धता, उनके मानदेय तथा सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए पैक्स व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए।लखनऊ से बैठक में के.के. ओझा (आईटी प्रमुख), शिवेंद्र सिंह (प्रदेश कोषाध्यक्ष), डी.पी. पाठक, ब्रजेश सिंह, अशोक अवस्थी एवं हरेंद्र सिंह की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही।बैठक का समापन सायं लगभग 6 बजे हुआ। उपस्थित पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि बैठक में हुए विचार-विमर्श एवं सुझावों से देशभर में पैक्स संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने तथा किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।NEWS STATUS 24“पूरी करे सच की जिज्ञासा”
