
बीती रात बिसंडा – औरन मार्ग में ओवरलोड मोरंग भरे ट्रक की टक्कर से आधा दर्जन लोगों की मौत 👇🏼
न्यूज स्टेटस 24,विनय निगम बांदा। नदियों-पहाड़ों पर हो रहे अंधाधुंध खनन और वृक्षों के विनाश से दुनिया के सबसे अधिक गर्म जिले में शुमार हुए बांदा में खनिज माफिया जुर्माना भरकर निर्दोषो की जान लेते हैं। नदियों से बालू लेकर बदले में सड़कों पर मौत बांटते हैं। दिल-दहलाने वाला यह सिलसिला बीते कई सालों से चला आ रहा है।ओवरलोड बालू और गिट्टी से भरे ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रालियां अब केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि आम लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। जिले की सड़कों पर दिन-रात दौड़ते भारी वाहन लगातार हादसों को जन्म दे रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल जुर्माना वसूली तक मामला सीमित दिखाई देता है।हाल ही में एक ओवरलोड ट्रक ने रिटायर्ड शिक्षक को कुचल दिया। हादसे के बाद भागने के प्रयास में ट्रक ने ई-रिक्शा को भी टक्कर मार दी, जिसमें कुल छह लोगों की मौत हो गई। घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया कि ओवरलोड खनिज भरें वाहनों को आखिर मौत बांटने की छूट कैसे मिलती है?बुंदेलखंड के जिलों में खनिज परिवहन के नाम पर ओवरलोडिंग लंबे समय से बड़ी समस्या बनी हुई है। प्रमुख मार्गों पर क्षमता से कई गुना अधिक भार लेकर दौड़ रहे वाहन सड़कें तोड़ रहे हैं, पुलों को कमजोर कर रहे हैं और हर दिन हादसों की संख्या बढ़ा रहे है।प्रशासन समय-समय पर अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों को पकड़ने का दावा करता है। मई 2026 में अब तक जिले में 126 ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई कर लगभग 3238780 लाख रुपये राजस्व वसूली की बात सामने आई है। लेकिन यह कार्रवाई स्थायी समाधान नहीं बन पा रही। जुर्माना भरने के बाद वही वाहन दोबारा सड़कों पर उतर आते हैं।खनन क्षेत्रों से जुड़े मार्गों पर रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय सबसे अधिक दहशत रहती है। तेज रफ्तार डंपर और ट्रक बिना किसी भय के आबादी वाले इलाकों से गुजरते हैं। कई बार स्कूल जाने वाले बच्चों, बाइक सवारों और राहगीरों को अपनी जान बचाने के लिए सड़क छोड़कर किनारे भागना पड़ता है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नियम स्पष्ट हैं, वजन सीमा तय है और लगातार हादसे हो रहे हैं, तब भी ओवरलोडिंग का कारोबार कैसे जारी है? क्या केवल जुर्माना वसूल लेना पर्याप्त कार्रवाई मानी जाए, या फिर वाहन सीज करने, परमिट निरस्त करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता है?बांदा की जनता अब यह पूछ रही है कि सड़कों पर दौड़ते ओवरलोड वाहनों पर लगा प्रतिबंध प्रभावी कब होगा? खनन माफियाओं को सड़कें तोड़ने, प्रदूषण फैलाने और बेगुनाह जिन्दगियों को लीलने से कब रोका जायेगा?
