“किसी भी तरह का घेराव नहीं हुआ। जवान अपने अफसरों के साथ आए थे। वे लोग अपॉइंटमेंट लेकर आए थे। मेडिकल रिपोर्ट पर उनको कुछ बिंदुओं पर आपत्तियां थीं, जिनको लेकर दोबारा कमेटी का गठन किया गया है। अब रिपोर्ट के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कमेटी में पुलिस, आईटीबीपी और सीएमओ के डॉक्टरों की जॉइंट टीम जांच कर रिपोर्ट देगी।”— एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर विपिन ताडा

न्यूज स्टेटस 24 कानपुर। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट को लेकर सोशल मीडिया पर फैली सनसनीखेज खबरों के बीच अब पूरे मामले का बड़ा फॉलोअप सामने आया है। आईटीबीपी जवानों द्वारा कमिश्नरेट कार्यालय घेरने और हथियारबंद कमांडोज के पहुंचने की खबर ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और मामले की गंभीरता को देखते हुए नई जांच टीम गठित कर दी गई है।जानकारी के मुताबिक मामला एक आईटीबीपी जवान की मां के इलाज से जुड़ा है। जवान का आरोप है कि निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण उसकी मां का हाथ काटना पड़ा। इसी मामले में कार्रवाई न होने से नाराज आईटीबीपी के जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और न्याय की मांग करने लगे। बताया जा रहा है कि आईटीबीपी जवान विकास सिंह पहले भी अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आया था। जवान का आरोप है कि अस्पताल में गलत इंजेक्शन और लापरवाही के कारण संक्रमण बढ़ गया और आखिरकार डॉक्टरों को हाथ काटना पड़ा। शनिवार को बड़ी संख्या में आईटीबीपी कर्मियों के कमिश्नरेट पहुंचने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल गई कि कमिश्नरेट कार्यालय को पूरी तरह घेर लिया गया है, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई सूचना बताया। पुलिस का कहना है कि आईटीबीपी जवान अपनी मांगों को लेकर पहुंचे थे और अधिकारियों के साथ वार्ता के बाद मामला शांत कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नई जांच समिति गठित कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों की टीम अस्पताल के इलाज, मेडिकल रिकॉर्ड और संबंधित डॉक्टरों की भूमिका की जांच करेगी। सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने कानपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासन लगातार लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील कर रहा है।
