न्यूज स्टेटस 24 , लखनऊ | बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष Mayawati ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए ब्राह्मण समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर सपा नेतृत्व की चुप्पी को गंभीर बताया है। उन्होंने आज अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर जारी बयान में कहा कि सपा के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर की गई अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी से पूरे समाज में स्वाभाविक रूप से भारी आक्रोश है।मायावती ने कहा कि इस मामले में पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ है। उनके अनुसार, सपा नेतृत्व की खामोशी से यह मामला और अधिक गंभीर होता जा रहा है और सामाजिक तनाव की स्थिति बन रही है।बसपा प्रमुख ने कहा कि ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान और स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। इसलिए सपा मुखिया Akhilesh Yadav को तत्काल संज्ञान लेते हुए ब्राह्मण समाज से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए। उन्होंने इसे राजनीतिक शिष्टाचार और सामाजिक सद्भाव के लिए आवश्यक बताया।मायावती ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि सपा की राजनीति संकीर्ण जातिवाद पर आधारित है और दलितों, अति-पिछड़ों तथा अन्य वर्गों की तरह ब्राह्मण समाज के प्रति भी उसका रवैया विरोधी रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण ने सपा के “चाल, चरित्र और चेहरे” को फिर उजागर कर दिया है।इसके साथ ही मायावती ने उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार पर भी अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज के बीच सरकार के रवैये को लेकर भी असंतोष देखा जा रहा है।बसपा सुप्रीमो ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने हमेशा “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की नीति पर काम किया है। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में ब्राह्मण समाज सहित सर्वसमाज को सम्मान और उचित भागीदारी दी गई तथा पार्टी में “यूज़ एंड थ्रो” की राजनीति नहीं होती।मायावती के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज की भूमिका और विभिन्न दलों की रणनीति को लेकर नई बहस छिड़ गई है। आगामी चुनावों के मद्देनज़र इस मुद्दे का राजनीतिक प्रभाव और बढ़ सकता है। News Status 24, पूरी करे सच की जिज्ञासा।
