
विनय निगम , ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड,न्यूज स्टेटस 24 ✍🏼 बांदा।9 जुलाई वर्ष 2022 में जब सौतेली मां साधना गुप्ता का निधन हुआ उस दौरान अखिलेश यादव लेसमात्र भी दुखी नहीं दिखाई दिए।यहां तक उनके अंतिम संस्कार में दूर खड़े रहे और ना कि कोई दुःख का बयान भी जारी किया जिस पर सोशल मीडिया में उस समय उनकी काफी आलोचना भी हुई थी लेकिन जब साधना गुप्ता के पुत्र प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन हुआ उन्हें झकझोर कर रख दिया । अखिलेश यादव बीते 13 म ई को अस्पताल में सौतेले भाई प्रतीक के शव को देखते ही फफक कर रोने लगे। सौतेले भाई प्रतीक के प्रति अखिलेश यादव के प्रेम को देखकर सभी हैरान हैं। जानकार बताते हैं,अपने पिता स्वर्गीय मुलायम सिंह व सौतेली मां साधना गुप्ता से अखिलेश यादव की चाहे जितनी नाराजगी रही हो लेकिन छोटे भाई प्रतीक यादव उनके साथ खड़े रहे। अर्पणा यादव ने जब समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुई तो अखिलेश यादव से ज्यादा दुखी प्रतीक यादव थे। इतना ही नहीं, अपनी मां और पत्नी से अलग हटकर प्रतीक यादव सार्वजनिक रूप से अखिलेश यादव को पिता मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत का सच्चा उत्तराधिकारी बताने में कभी नहीं हिचके।यही कारण है कि अखिलेश यादव को अपने सौतेले भाई के निधन पर बहुत दुख हुआ ।
