
न्यूज स्टेटस 24 ✍🏼 विवेक द्विवेदी, लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति मामले में दायर याचिका की पत्रावली (फाइल) को सील करने और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में रखने का निर्देश दिया है।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद यह उचित प्रतीत होता है कि पेपर-बुक को न्यायालय के वरिष्ठ रजिस्ट्रार की सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए और इसे विधिवत सील कर दिया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई की तारीख पर बेंच सचिव द्वारा सील खोली जाएगी। फाइल को चैंबर में ही सील करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को दोपहर 2:15 बजे चैंबर में होगी।यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने 6 मई को पारित किया, जिसे बृहस्पतिवार को अपलोड किया गया।कोर्ट यह आदेश एक आपराधिक याचिका पर सुनवाई के दौरान दे रही थी, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988/2018 के तहत रायबरेली से लोकसभा सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ कथित रूप से आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से विस्तृत जांच और नियमित मामला (RC) दर्ज करने की मांग की गई है।यह याचिका कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता ने सीबीआई निदेशक, प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग, गृह मंत्रालय और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) को प्रतिवादी बनाया है।6 मई को याचिकाकर्ता ने वर्तमान रिट याचिका के अभिलेखों को सुरक्षित अभिरक्षा में रखने के लिए निर्देश जारी करने संबंधी एक अर्जी भी दाखिल की, जिसे न्यायालय ने रिकॉर्ड पर ले लिया।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से विस्तृत तर्क प्रस्तुत किए गए। वहीं प्रतिवादियों के अधिवक्ताओं ने कहा कि उन्हें मामले में पूर्ण निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं, इसलिए जवाब दाखिल करने और आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए।कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को 12 मई को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।
