
विवेक द्विवेदी , संपादक News Status 24
कोलकाता/डेस्क, News Status 24: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों सबसे चर्चित नामों में से एक हैं शुभेंदु अधिकारी। चुनावी रुझानों में को बढ़त मिलती दिख रही है, ऐसे में सवाल उठ रहा है क्या अधिकारी मुख्यमंत्री बन सकते हैं?अगर भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल करती है, तो मुख्यमंत्री का फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। शुभेंदु अधिकारी राज्य में भाजपा का प्रमुख चेहरा हैं और संगठन व रणनीति में उनकी अहम भूमिका रही है। ऐसे में वे सीएम पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व और विधायक दल की बैठक में होगा।—कौन हैं शुभेंदु अधिकारी?शुभेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मिदनापुर जिले में हुआ। वे एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं।राजनीतिक सफर- शुरुआत में से जुड़े- नंदीग्राम आंदोलन (2007) में अहम भूमिका, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा नाम बने- 2009 में लोकसभा सांसद बने- बाद में राज्य सरकार में मंत्री पद संभाला साल 2020 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा, जिसे बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया।—नंदीग्राम से राष्ट्रीय पहचान आंदोलन ने शुभेंदु अधिकारी को राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। यह आंदोलन वाम सरकार के खिलाफ था और बाद में तृणमूल के उभार का बड़ा कारण बना।—शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के महिष्य (Mahishya) समुदाय से आते हैं।महिष्य समुदाय राज्य में एक प्रमुख ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समूह माना जाता है, खासकर पूर्वी मिदनापुर और आसपास के इलाकों में इनका अच्छा प्रभाव है। यह समुदाय पारंपरिक रूप से कृषि और स्थानीय व्यापार से जुड़ा रहा है और बंगाल की राजनीति में भी इनकी भूमिका अहम मानी जाती है।राजनीतिक तौर पर, महिष्य समुदाय का समर्थन कई क्षेत्रों में चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए शुभेंदु अधिकारी की इस समुदाय में पकड़ को उनकी राजनीतिक ताकत का एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।
