
न्यूज स्टेटस 24 (विनय निगम- ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड) बांदा। अवैध खनन से जिले में भारी तबाही मचेगी। खिसियानी केन अपना रौद्र रूप धारण करके कहर बरपाए ,उससे पहले बालू के ओवरलोड वाहनों द्वारा फैलाए जा रहे “प्रदूषण” से तमाम लोग अपनी जान गंवा चुके होंगे। जो बचेंगे वो गम्भीर बीमारियों से जकड़े होंगे। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो इस समय जिले की आधी आबादी वायू प्रदूषण के प्रभाव से श्वास व हृदय रोग से पीड़ित हैं। ओवरलोड बालू भरें वाहनों द्वारा उडाए

जा जहरीले धुएं और रेत के गुबार से परेशान लोग हाहाकार कर रहे हैं। अवैध खनन और ओवरलोडिंग रोकने में फिलहाल प्रशासन लाचार है। हैरत है,ओवरलोडिंग से पूरे जिले को प्रदूषित करने वाले रेत लूटेरों पर मामूली जुर्माना लगाकर प्रशासन अपनी पीठ थपथपाता है। जबकि,सरकारी और निजी अस्पतालों में दिन पर दिन प्रदूषण के शिकार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालात इतने चिंताजनक है कि बालू चोरों द्वारा बढ़ाए जा रहें वायू प्रदूषण से बचने के लिए तमाम लोग जिले से बाहर पलायन करने पर विचार कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिले में रोज़ सैकड़ों की संख्या में ओवरलोड बालू भरें बड़े वाहन संचलित होते हैं। इनके भार से सड़कें चरमराती है।इनसे निकलने वाले धुएं व धूल के गुबार से लोग गम्भीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जिले की दो दर्जन से अधिक बालू खदानों में अवैध रूप से अंधाधुंध खनन हो रहा है। नरैनी व बांदा सदर तहसील में रेत माफिया ज्यादा तांडव मचा रहे हैं। मध्य प्रदेश की सीमा से जुड़ी नरैनी तहसील के क ई गांवों में वायु प्रदूषण की वजह हालात इतने ख़राब हो गये है कि वहां सांस लेने में कठिनाई होती है।इन गांवों के आसपास रात दिन बालू भरें ओवरलोड वाहनों की धमाचौकड़ी मची रहती है।
