
न्यूज स्टेटस 24, लखनऊ। देशभर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं होगा। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने अपनी पूर्व अधिसूचना में संशोधन करते हुए 1 अप्रैल 2026 से प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि यह फैसला उपभोक्ताओं की लंबी लड़ाई का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पहले जारी आदेश में बिजली कंपनियां विद्युत अधिनियम 2003 का उल्लंघन करते हुए उपभोक्ताओं पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर थोप रही थीं, जबकि कानून के तहत यह केवल उपभोक्ता की सहमति पर ही लागू किया जा सकता है।उन्होंने स्पष्ट किया कि अब नए संशोधन के बाद जहां भी संचार नेटवर्क उपलब्ध होगा, वहां स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे, लेकिन प्रीपेड मोड पूरी तरह उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर रहेगा। यानी उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड—दोनों विकल्पों में से चुनने की स्वतंत्रता होगी।अवधेश वर्मा ने बताया कि परिषद ने इस मुद्दे को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री, ऊर्जा सचिव और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के समक्ष कई बार उठाया था। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठकों में भी इस आदेश को गलत बताते हुए संशोधन की मांग की गई थी।अंततः भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने अपनी गलती सुधारते हुए नई अधिसूचना जारी की। अब देशभर में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, लेकिन प्रीपेड प्रणाली केवल उपभोक्ताओं की सहमति से ही लागू होगी।उन्होंने इसे देश के सभी बिजली उपभोक्ताओं की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
