अयोध्या ।जिला जेल अयोध्या से सुरक्षा व्यवस्था की खौफनाक पोल खुल गई है। तन्हाई बैरक तोड़कर और फिर बाउंड्री वॉल कूदकर दो कैदी फरार हो गए। फरारी की खबर लगते ही जेल प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मच गया है।फरार कैदियों में गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज अग्रहरी, निवासी अमेठी शेर अली, निवासी सुल्तानपुर के रूप में हुई है। हत्या के प्रयास और बलात्कार का आरोपी… और ऐसे निकल गए! जानकारी के मुताबिक, गोलू अग्रहरि हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में जेल में निरुद्ध था, जबकि शेर अली बलात्कार के आरोप में बंद था। यानी जेल से भागे ये कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि संगीन मामलों के आरोपी हैं।सूत्रों के अनुसार, दोनों कैदियों ने पहले तन्हाई बैरक को तोड़ा, उसके बाद जेल की ऊंची बाउंड्री वॉल फांदकर फरार हो गए। सवाल यह है कि बैरक कैसे टूटा? निगरानी कहां थी? प्रहरी क्या कर रहे थे? कई टीमें गठित, मगर जवाबदेही गायब कैदियों के फरार होने के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में कई टीमें गठित कर तलाश शुरू कर दी है। संभावित ठिकानों पर दबिश की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।सवाल जो जेल की दीवारों से टकरा रहे हैं। क्या जिला जेल में सुरक्षा सिर्फ कागजों में है? क्या तन्हाई बैरक अब “ट्रांजिट पॉइंट” बन चुके हैं? अगर आज दो कैदी भागे हैं, तो कल कौन जिम्मेदार होगा? जिला जेल से इस तरह की फरारी ने साफ कर दिया है कि जेल के भीतर सब ठीक नहीं है। यह सिर्फ दो कैदियों का भागना नहीं, बल्कि पूरी जेल व्यवस्था का फरार हो जाना है।जब इस संबंध में जेल अधीक्षक उदय मिश्र से जानकारी चाही गयी तो उनका कहना था मैं तैयार होकर आऊंगा तब मीडिया के सवालों का जबाब दूंगा।जिला जेल अयोध्या से दो कैदियों के फरार होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजी जेल पीसी मीणा द्वारा कार्रवाई की गई है। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक यूसी मिश्रा, जेलर जे.के. यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी सहित एक हेड जेल वार्डर व तीन जेल वार्डरों को निलंबित किया गया है। फरार कैदियों की तलाश हेतु टीमें गठित कर दी गई हैं तथा मामले की गहन जांच जारी है।

