
न्यूज स्टेटस 24 विनय निगम ब्यूरो चीफ बुंदेलखंड बाँदा। बुंदेलखंड के बाँदा जिले में हर साल रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और 48 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहे तापमान के पीछे आखिर असली वजह क्या है? अब इसका जवाब वैज्ञानिक तरीके से खोजा जाएगा। जिलाधिकारी अमित आसेरी की पहल पर शासन

ने छह वैज्ञानिकों की विशेष टीम को बाँदा भेजा है, जो आधुनिक रिमोट सेंसिंग तकनीक और उपग्रह आंकड़ों के माध्यम से जिले में बढ़ती हीट वेव और लू के कारणों का विस्तृत अध्ययन करेगी।वैज्ञानिकों की यह टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों का सर्वे कर यह पता लगाएगी कि किन इलाकों में जमीन का तापमान सबसे अधिक है, कहां हरियाली की कमी है और कौन से स्थानीय कारक गर्मी को और अधिक गंभीर बना रहे हैं।उपग्रहों से होगी गर्मी की निगरानी अध्ययन के दौरान वैज्ञानिक उपग्रह चित्रों और डिजिटल डेटा के आधार पर भूमि की सतह के तापमान (Land Surface Temperature) का विश्लेषण करेंगे। इससे यह जानकारी मिलेगी कि जिले के कौन-कौन से हिस्से सबसे अधिक गर्म हो रहे हैं और तापमान बढ़ने के पीछे कौन से भौगोलिक व पर्यावरणीय कारण जिम्मेदार हैं।हरियाली, जल स्रोत और चट्टानी भूमि पर फोकस टीम यह भी जांचेगी कि पेड़ों और वन क्षेत्रों में आई कमी का तापमान पर कितना असर पड़ा है। साथ ही केन नदी, तालाबों, जलाशयों और भूजल की स्थिति का अध्ययन कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि नमी की कमी किस हद तक गर्मी बढ़ाने में योगदान दे रही है।बुंदेलखंड की चट्टानी भूमि, खुला भूभाग और गर्म हवाओं की दिशा जैसे प्राकृतिक कारकों को भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परखा जाएगा।शहरों में ‘हीट आइलैंड’ प्रभाव की जांच वैज्ञानिक यह भी देखेंगे कि सड़कों, कंक्रीट निर्माण, धूल और तेजी से बढ़ती शहरी गतिविधियों के कारण कहीं ‘हीट आइलैंड इफेक्ट’ तो नहीं बन रहा है। यह प्रभाव किसी क्षेत्र का तापमान आसपास के इलाकों की तुलना में अधिक बढ़ा देता है।भविष्य की योजनाओं का बनेगा आधार अध्ययन पूरा होने के बाद तैयार रिपोर्ट जिला प्रशासन को हीट एक्शन प्लान तैयार करने, बड़े पैमाने पर पौधरोपण, जल संरक्षण, छायादार क्षेत्रों के विकास और नागरिकों को गर्मी से राहत दिलाने की रणनीति बनाने में मदद करेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अध्ययन सफल रहता है तो बाँदा का मॉडल पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में लागू किया जा सकता है और भविष्य में बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगा।बड़ी बात बाँदा देश के उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो चुका है जहां तापमान लगातार 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। ऐसे में पहली बार वैज्ञानिक स्तर पर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि आखिर बुंदेलखंड की धरती इतनी तेजी से क्यों तप रही है।News Status 24″पूरी करे सच की जिज्ञासा”
