
विवेक द्विवेदी ,न्यूज स्टेटस 24 शिमला। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित स्वच्छ भारत सर्वेक्षण अर्बन (SSU) 2026 के तहत हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शहरी निकायों के निरीक्षण के लिए केंद्रीय मूल्यांकन टीम राज्य पहुंची। इस टीम का नेतृत्व स्वच्छता मूल्यांकन विशेषज्ञ धर्मेंद्र शुक्ल ने किया।टीम ने शिमला, सोलन, बद्दी और धर्मशाला सहित कई प्रमुख नगर निकायों का दौरा कर स्वच्छता व्यवस्था, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण, प्रोसेसिंग प्लांट, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति तथा नागरिक सहभागिता का विस्तृत निरीक्षण किया।हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक वेस्ट नियंत्रण बड़ी चुनौती है। इसे ध्यान में रखते हुए टीम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, प्लास्टिक कचरे के निस्तारण और जन-

जागरूकता अभियानों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन किया।निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और नगर निकाय अधिकारियों से सीधे संवाद कर स्वच्छता व्यवस्था पर फीडबैक भी लिया गया। टीम ने दस्तावेजों के सत्यापन के साथ फील्ड विजिट के माध्यम से नगर निकायों के वास्तविक प्रदर्शन का आकलन किया।इस निरीक्षण के आधार पर तैयार रिपोर्ट स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की राष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल की जाएगी। हिमाचल प्रदेश के कई शहर पिछले वर्षों में बेहतर प्रदर्शन कर चुके हैं और इस बार भी राज्य से उत्कृष्ट परिणाम की उम्मीद की जा रही है।धर्मेंद्र शुक्ल ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का राष्ट्रीय अभियान है। स्थानीय निकायों और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ शहरों का निर्माण संभव है।News Status 24 पूरी करे सच की जिज्ञासा
