

विवेक द्विवेदी, न्यूज स्टेटस 24 ( नई दिल्ली) वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। उनके दौरे की शुरुआत बिहार के बोधगया से हुई, जहां उनका स्वागत बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। यह दौरा केवल औपचारिक कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत और वियतनाम के बीच गहरे होते सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों का भी प्रतीक माना जा रहा है।बोधगया पहुंचने के बाद राष्ट्रपति तो लाम ने विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना

करने का कार्यक्रम तय किया है। इसके साथ ही वे वियतनामी बौद्ध मठ का भी दौरा करेंगे। यह स्थान वियतनाम और भारत के बीच बौद्ध धर्म के जरिए जुड़े ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।इस यात्रा का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि भारत और वियतनाम के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। दोनों देश रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। बोधगया जैसे धार्मिक स्थल से यात्रा की शुरुआत करना इस रिश्ते को आध्यात्मिक आधार देने की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, राष्ट्रपति तो लाम का यह दौरा दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को और मजबूती देगा। साथ ही, बौद्ध पर्यटन और सांस्कृतिक कूटनीति के जरिए दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर भी संबंधों को विस्तार मिलेगा।इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। स्थानीय स्तर पर भी इस दौरे को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि इससे बिहार के पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय पहचान को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
