
NEWS STATUS 24 — जो पूरी करे सच की जिज्ञासा नई दिल्ली( विवेक द्विवेदी) भारतीय राजनीति में गांधी परिवार का नाम लंबे समय से चर्चा में रहा है। आमतौर पर यह नाम कांग्रेस से जुड़ा माना जाता है, लेकिन इसी परिवार के दो प्रमुख चेहरे — Maneka Gandhi और Varun Gandhi — भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं।एक समय था जब मां-बेटे की यह जोड़ी भाजपा की राजनीति में काफी सक्रिय और प्रभावशाली मानी जाती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में दोनों नेताओं की

राजनीतिक सक्रियता और सार्वजनिक उपस्थिति पहले के मुकाबले कम दिखाई दे रही है।गांधी परिवार से अलग राजनीतिक राह Maneka Gandhi, स्वर्गीय Sanjay Gandhi की पत्नी हैं और लंबे समय से भारतीय राजनीति में सक्रिय रही हैं। उन्होंने कांग्रेस से अलग राह चुनते हुए अलग राजनीतिक पहचान बनाई और बाद में भाजपा में शामिल हुईं।वहीं उनके बेटे Varun Gandhi भी भाजपा के टिकट पर कई बार सांसद चुने गए और सबसे कम उम्र के भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से भी नवाजे गए। और युवा नेताओं में उनकी अलग पहचान रही।संसद और संगठन में अहम भूमिका रही ।Maneka Gandhi कई बार लोकसभा सांसद रहीं और केंद्र सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुकी हैं। वे खास तौर पर पशु अधिकारों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर मुखर रही हैं।वहीं Varun Gandhi उत्तर प्रदेश के Pilibhit से सांसद रहे और अपने तीखे भाषणों और किसान-मुद्दों पर खुलकर बोलने के लिए जाने जाते रहे हैं लेकिन क्यों कम हो गई राजनीतिक चर्चा राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में भाजपा के भीतर नेतृत्व और रणनीति में कई बदलाव हुए हैं। ऐसे में कुछ नेताओं की भूमिका संगठनात्मक रूप से सीमित होती दिखाई देती है।इसके अलावा Varun Gandhi कई बार किसानों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर अपनी ही सरकार से अलग राय रखते हुए नजर आए, जिसके बाद उनकी सक्रियता अपेक्षाकृत कम चर्चा में रही।भविष्य की राजनीति पर नजर हालांकि Maneka Gandhi और Varun Gandhi दोनों ही अनुभवी नेता हैं और उनका राजनीतिक अनुभव लंबा रहा है। ऐसे में राजनीतिक जानकार मानते हैं कि भविष्य में उनकी भूमिका फिर से अहम हो सकती है।गांधी परिवार से आने के बावजूद Maneka Gandhi और Varun Gandhi ने भाजपा में अपनी अलग पहचान बनाई। लेकिन बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच यह सवाल जरूर उठ रहा है कि क्यों यह दोनों नेता फिलहाल राजनीतिक सुर्खियों से दूर होते जा रहे हैं।
