
न्यूज स्टेटस 24, विवेक द्विवेदी- महोबा। बुंदेलखंड की वीर भूमि महोबा रविवार को उस समय ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली माने जाने वाले गोरखगिरि पर्वत पहुंचकर पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ बुंदेलखंड के विकास को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। महोबा के समीप स्थित गोरखगिरि पर्वत नाथ संप्रदाय के प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां गुरु गोरखनाथ ने तपस्या की थी, जिसके कारण यह स्थल श्रद्धालुओं और साधकों के लिए विशेष महत्व रखता है। स्थानीय बुंदेली समाज में भी इस पर्वत को आस्था का केंद्र माना जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां परिक्रमा एवं दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इतिहास और लोक मान्यताओं के अनुसार गोरखगिरि पर्वत का संबंध केवल नाथ परंपरा से ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ा है। यहां सिद्धबाबा स्थल, गोरखनाथ मंदिर तथा सीता रसोई जैसी मान्यताओं से जुड़े स्थल मौजूद हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह पर्वत लंबे समय से धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं का केंद्र रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल के वर्षों में गोरखगिरि को धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। स्वदेश दर्शन योजना के तहत यहां पर्यटक सुविधाएं, ध्यान केंद्र, प्रवेश द्वार, पथ मार्ग और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया गया है, जिससे यह क्षेत्र प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखगिरि आगमन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे स्वयं नाथ परंपरा से जुड़े हैं। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने पर्वत पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री के महोबा दौरे के दौरान करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी प्रस्तावित है। इससे बुंदेलखंड में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है। NEWS STATUS 24पूरी करे सच की जिज्ञासा
